त्योहारों की खुशियों पर साइबर ठगों की नजर! फर्जी APK, डिजिटल अरेस्ट और ‘बॉस स्कैम’ से रहें सावधान, ADG नवीन अरोरा ने चलाया बड़ा जागरूकता अभियान

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वाराणसी। त्योहारों की रौनक के बीच साइबर ठगों के खतरनाक जाल से लोगों को बचाने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी परिक्षेत्र नवीन अरोरा ने मिशन शक्ति 6.0 के तहत साइबर जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए-नए हथकंडों से आगाह करते हुए अपनी मेहनत की कमाई और निजी जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की गई है।

डिस्काउंट का लालच, फर्जी लिंक और APK फाइल—ठगों के नए हथियार!

त्योहारों के दौरान सस्ते सामान, भारी छूट, आकर्षक उपहार, लॉटरी, नौकरी और आसान कमाई का लालच देकर साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक और फर्जी APK फाइल मोबाइल में सेंध लगाने तथा निजी जानकारी चुराने का जरिया बन सकते हैं।

यही नहीं, ठग खुद को वरिष्ठ अधिकारी या बॉस बताकर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। फर्जी वीडियो कॉल के जरिए पुलिस या सरकारी एजेंसी का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रकम ऐंठने की कोशिश भी की जाती है। ऐसे में जरा-सी लापरवाही आपकी जीवनभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है।

ADG नवीन अरोरा की अपील—डरें नहीं, सतर्क रहें!

मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। महिलाओं को सोशल मीडिया पर निजी तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले जांच करने तथा संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने आगाह किया है कि अश्लील संदेशों, धमकियों या निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने की कोशिश होने पर घबराएं नहीं। संबंधित चैट, मोबाइल नंबर और स्क्रीनशॉट जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखें और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, सिम कार्ड या यूपीआई इस्तेमाल करने की अनुमति न दें।

साइबर ठगी से बचने के लिए याद रखें ये जरूरी नियम

OTP, PIN और CVV गोपनीय रखें: बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

फर्जी APK से रहें दूर: WhatsApp या Telegram पर आई अनजान APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर न डरें: फर्जी पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी की धमकी से घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें।

‘बॉस स्कैम’ को पहचानें: अधिकारी या बॉस के नाम पर अचानक पैसे मांगने वाले संदेशों की दूसरे माध्यम से पुष्टि जरूर करें।

लालच में न फंसें: नौकरी, निवेश, लॉटरी या भारी मुनाफे के दावों की जांच किए बिना भुगतान न करें।

सोशल मीडिया सुरक्षित रखें: मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय सुरक्षा (2FA) का इस्तेमाल करें।

बैंक को तुरंत सूचना दें: संदिग्ध लेन-देन होने पर अपने बैंक से तत्काल संपर्क करें।

📢 ठगी होते ही तुरंत 1930 पर करें कॉल!

अगर आपके साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या [www.cybercrime.gov.in](https://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

🎯 संदेश साफ—त्योहार मनाएं, साइबर ठगों से बचकर रहें!

ADG नवीन अरोरा के नेतृत्व में मिशन शक्ति 6.0 के तहत चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान लोगों को डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश देता है। त्योहारों की खुशियां बरकरार रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल, संदेश या लालच पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

याद रखें—साइबर ठग पहले भरोसा जीतते हैं, फिर आपकी जेब पर वार करते हैं। सतर्कता ही सुरक्षा है!

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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