वाराणसी।
लंका थाना क्षेत्र स्थित रविदास घाट पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कैंट विधानसभा क्षेत्र के दलित आवेदक प्रत्याशी रजत वाल्मीकि के नेतृत्व में चुनाव आयोग का प्रतीकात्मक पिंडदान किया गया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान रजत वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सर्वोपरि है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, वह चिंताजनक है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन के नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं के साथ हो रही कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है।

रजत वाल्मीकि ने चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम काटे जाने के मुद्दे पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और प्रत्येक पात्र मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के संबंध में उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक पार्टी अपनी आवाज उठाती रहेगी।
इस कार्यक्रम में महानगर सचिव योगेंद्र यादव, महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव आरती यादव, कैंट विधानसभा प्रभारी अमन यादव, लोहिया वाहिनी विधानसभा अध्यक्ष अंकित यादव, महानगर अध्यक्ष काशीनाथ गुप्ता, रामनगर के जोन प्रभारी विरोध यादव, अखिलेश गुप्ता तथा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव अनिल साहू सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







