कौशाम्बी। यूपीआईं पर 15 अक्टूबर से 0.4 प्रतिशत एम डी आर शुल्क लगाये जाने पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल द्वारा गुरुवार को प्रांतीय वरिष्ठ महामंत्री रमेश अग्रहरि के नेतृत्व में जनपद कौशाम्बी मुख्यालय पर व्यापारियों ने जोरदार बिरोध प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन सौंपा रमेश अग्रहरि ने कहा कि हमारी मांगो को व्यापारिक हितों एवं आम जनता के ऊपर बोझ न पड़ने पायें इसको ध्यान में रखते हुए अवश्य पूरा करेंगे।
ज्ञापन में मुख्य मांग दिनांक 15 अक्टूबर से प्रस्तावित यू.पी.आई. से भुगतान किये जाने पर लगने वाला 0.4 प्रतिशत शुल्क एम.डी.आर व्यापारी एवं उपभोक्ता से लिए जाने के शुल्क का कानून को तत्काल समाप्त किया जाये।जी.एस.टी. लागू होने पर देश की जनता एवं व्यापारियों से यह कहा गया था कि एक देश एक टैक्स ही लिया जायेगा।
सारे टैक्स समाप्त कर जी.एस.टी. लागू होने के बाद हमारा व्यापारी प्रतिमाह नियमित टैक्स दे रहा हैं जिससे जी.एस.टी. टैक्स का संग्रह लगातार बढ़ रहा हैं। ऐसे में दूसरा कोई टैक्स या कर लगाना अनुचित सा प्रतीत होता हैं। अतः इस नये यू.पी.आई.भुगतान पर लगने वाला नया 0.4 प्रतिशत शुल्क यम डी आर का नियम वापस लिया जाये सरकार द्वारा नकद लेन-देन को कम करने एवं डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के तहत बैंको से ऑनलाइन, यू.पी.आई. की तमाम सुविधाएं देने की योजना बनायी गयी हैं।
जिसकी पूरे नियमों एवं कानूनों के जानकारी के साथ हमारे व्यापारी व्यापार,रोजगार एवं उद्यम चला रहे हैं और सरकार को टैक्स दे रहे हैं। इसके उपरान्त कोई नया कर लगाने से देश की जनता एवं उपभोक्ता के ऊपर महंगाई की मार पड़ेगी। ऐसें में इस नये यू.पी.आई. टैक्स से भुगतान पर लगने वाला नया 0.4 प्रतिशत शुल्क का नियम वापस लिया जाये।
पूरे देश के व्यापारियों की मांग के साथ जनपद कौशाम्बी का व्यापारी भी इस आशा के साथ ज्ञापन प्रेषित कर रहा हैं कि यू.पी.आई. से भुगतान पर लगने वाला 0.4 प्रतिशत एम.डी.आर पर पुनर्विचार करते हुए
इस नियम को तत्काल वापस कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करायेंगे ज्ञापन देने में प्रवेश केसरवानी,नरोत्तम दास केसरवानी घनश्याम केसरवानी दिनेश अग्रहरि धीरेन्द्र नाथ अग्रहरि कैलाश चन्द्र केसरवानी सहित सैकड़ो व्यापारी धरना प्रदर्शन में शामिल रहे







