वाराणसी। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर युवा फाउंडेशन ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर गंभीर चिंता जताई है। फाउंडेशन की अध्यक्ष सीमा चौधरी ने आरोप लगाया है कि नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर करने वाली सामग्री सार्वजनिक किए जाने से कानून का उल्लंघन हुआ है।
पत्र में कहा गया है कि जमुई की घटना में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना 19 सितंबर को हुई थी और वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले में पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई और एसआईटी जांच भी शुरू की गई है।
युवा फाउंडेशन ने अपने पत्र में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता और उसके परिवार की स्पष्ट पहचान उजागर करने वाली तस्वीर सार्वजनिक किए जाने का आरोप लगाया है। फाउंडेशन ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पॉक्सो अधिनियम की धारा 23 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हालांकि, पत्र में लगाए गए इस विशिष्ट आरोप की स्वतंत्र पुष्टि पत्र में दिए गए विवरण के आधार पर नहीं हो सकी है।
फाउंडेशन ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मुख्यमंत्री के विरुद्ध बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के पॉक्सो अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। साथ ही, नाबालिग पीड़िता की पहचान से संबंधित सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया खातों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई और संबंधित प्लेटफॉर्म से ऐसी सामग्री तत्काल हटवाने की मांग की गई है।
पत्र में पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की भी मांग की गई है। फाउंडेशन का कहना है कि जब आरोपी पक्ष सत्ता में हो तो राज्य प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा प्रभावित हो सकती है। युवा फाउंडेशन ने भविष्य के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिसमें किसी भी पद पर बैठे लोकसेवक, मंत्री अथवा मुख्यमंत्री द्वारा नाबालिग पीड़ितों की गोपनीयता भंग करने पर आम नागरिक की तरह कानूनी जवाबदेही तय हो।
पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं—मुख्यमंत्री के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, पीड़िता की पहचान वाली सामग्री हटाना, स्वतंत्र जांच कराना तथा भविष्य में नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर होने से रोकने के लिए जवाबदेही तय करना। सीमा चौधरी, विकाच मौर्या, शुभम सिंह, पिंटू शर्मा, अरविंद यादव उपस्थिति रहे







