वाराणसी
बाल्टां कें दूध बेचनें वालें कारोबारी मासूम बच्चों के जिंदगी से कर रहे हैं खिलवाड़। इनको किसी का डर नहीं हैं इस समय मार्केट में नंबर दो का दूध बेचनें व क्रय विक्रय धड़ल्ले से किया जा रहा है। बिना परवांह कियें केमिकल का दूध पानी का मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
देखा जाए तो छोटे-छोटे बच्चे मासूम इनके दूध पिलाने से सिर्फ डॉक्टरों को फायदा हो रहा है मां की ममता आंचल जिगर के टुकड़े को लेकर डॉक्टर के पास धाये पहुंच रही है। कि मेरे लाला को क्या हो गया। नंबर दो के दूध बेचने वाले कर्म धर्म पैसे के चक्कर में ताख पर रखकर अपने प्रगति मार्ग पर बढ़ने से बाज नहीं आ रहे हैं।
बनारस शहर कें अधिकारियों को इस बात की चिंता नहीं है। की दूध माफियाओं कें ऊपर शिकंजा कसां जाये। शासन प्रशासन को सिर्फ सिर्फ एक ही बात याद है।
अपना भला होई जग माही दूसरे का हो चाहे ठेकें से नाहीं
अगर मासूम बच्चों इसी तरह दूध माफियाओं का जुल्म बढ़ता देखकर आल्हा अधिकारी अगर ध्यान नहीं देते हैं तो आने वाला दिन एक बार फिर सोचनें को मजबूर कर करेगा क्योंकि मासूम बच्चे भगवान स्वरूप होते हैं अगर हम उनका रक्षा नहीं कर सके तो मुझे नर्क में भी जगह नहीं मिलेगा और आत्माओं में उसने को मजबूर रहेगा।







