वाराणसी
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर समस्त माताओं एवं बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं बल्कि प्रेम, सम्मान विश्वास और जीवनभर रक्षा के संकल्प का पवित्र प्रतीक है।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और बहन द्रौपदी के रिश्ते का स्मरण करते हुए कहा कि जब श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगी तो द्रौपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया। उस प्रेम के बदले श्रीकृष्ण ने बहन की रक्षा का वचन दिया। महाभारत में जब द्रौपदी की अस्मिता पर संकट आया तो भगवान श्रीकृष्ण ने अपने वचन को निभाकर उसकी लाज बचाई।
पत्रकार शुक्ला जी ने कहा यही है , रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश है।बहन की आंखों में आंसू नहीं, चेहरे पर मुस्कान हो। बहन स्वयं को कभी अकेला और असहाय महसूस न करे।
उन्होंने देश के सभी भाइयों से अपील करते हुए कहा कि हमारी जिम्मेदारी केवल अपनी बहन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। देश की हर बेटी और हर बहन के सम्मान, सुरक्षा और अधिकार के लिए हमें ढाल बनकर खड़ा होना होगा।
राखी का धागा कलाई पर बंधता है। लेकिन उसकी असली मजबूती भाई के चरित्र, संकल्प और जिम्मेदारी में होती है।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की प्रत्येक बहन को मेरा प्रणाम, सम्मान और हार्दिक शुभकामनाएं।🙏 दीर्घायु भवः 🙏
रिपोर्ट : जगदीश शुक्ला











Users Today : 15
Users This Year : 24704
Total Users : 37297
Views Today : 71
Total views : 73402