पहली तस्वीर में है सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज अब्दुल नज़ीर। जिन्होने तीन तलाक के फैसले पर साइन करने से इंकार कर दिया था…..
दूसरी तस्वीर है हामिद अंसारी की, जो 2007 से 2017 तक भारत के 13वें और 14वें उपराष्ट्रपति थे। जिन पर रॉ के चीफ एन के सूद ने खुलासा करते हुए कहा था कि इन्होंने भारत के कई रॉ ऑफिसर की हत्या करवाई……
तीसरी तस्वीर में है पूर्व चुनाव आयुक्त एन वाई कुरैशी। जिनके मुख्य चुनाव आयुक्त रहते झारखण्ड और बंगाल में सबसे ज्यादा अवैध बंग्लादेशी मुस्लिम वोटर कार्ड बनाये गए थे…..
पढ़ लिख कर भी मजहब के मामले में यह सब एक जैसे ही हैं….
इनके लिए देश से भी ज्यादा मज़हब मायने रखता है।
आप सब की क्या राय है इन तीनों के बारे में ?







