वाराणसी
आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोपों का सामना कर रही पांडेयपुर, थाना कैंट निवासी आरोपी अंचल जायसवाल उर्फ आंचल जायसवाल को जिला न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
अदालत में आरोपी की जमानत अर्जी का जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान तथा वादी पक्ष के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह ने कड़ा विरोध किया।
क्या है पूरा मामला?
वादी प्रभात जायसवाल के अनुसार, उनके छोटे भाई अभय जायसवाल को अंचल जायसवाल द्वारा लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि उन्हें धमकाया और ब्लैकमेल भी किया गया, जिससे परेशान होकर अभय ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में थाना शिवपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत?
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि मामला बेहद गंभीर है और उपलब्ध साक्ष्य आरोपी को राहत देने के पक्ष में नहीं हैं। अदालत ने केस डायरी (सीडी-3) सहित अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। इसी आधार पर अदालत ने अंचल जायसवाल की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।
फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।







