चन्दौली पड़ाव
मिल्की आना सादात दुल्हीपुर में आज मोहर्रम की 8 मोहर्रम की मजलिश को खिताब करते हुए मौलाना मुंतज़िर जाफरी साहेब ने फरमाया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता इमाम हुसैन की कुर्बानी को सभी धर्मों के लोग याद करके शोक मनाते है पूरी दुनिया में इमाम हुसैन के बलिदान को।
यौमे आशूरा के दिन से याद करके मजलिश मातम और नौहा खानी होती है ,इस्लामिक टूर एंड ट्रैवल के डायरेक्टर और मौलाना मुंतज़िर जाफरी साहेब ने मौला अब्बास के फाजियल वा मसयाब पढ़े जिसको सुन के लोगों की आंखें नम हो गई ,नौहा खानी फैजी जाफरी ,राहिब जाफरी,नवाब फराज ,काशिफ जाफरी, काशिद इत्यादि ने की इस अवसर पे कासिम साहब,जावेद जाफरी साहेब,आसिफ जाफरी साहेब,नसीम जाफरी साहेब, शेमू साहेब ,जाफर अब्बास,आले अब्बास वकील जाफर मेंहदी शौज़ब हुसैन उरूज हैदर अली भाई इत्यादि मौजूद थे







