तीन सदस्यीय एसआईटी पहले ही सौंप चुकी है अपनी जांच रिपोर्ट
अयोध्या।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट की शिकायत पर थाना राम जन्म भूमि में एफआईआर दर्ज की गयी है। BNS की धारा 306, 316 (5), 317 (4), 317 (5), 61 और 3 (5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।दर्ज एफआईआर में आठ लोग नामजद हैं,इसमें अनुकल्प मिश्रा,लवकुश मिश्रा,अविनाश शुक्ला,टिन्नू यादव,मनीष यादव आदि के नाम शामिल हैं।जबकि, कोई बड़ा नाम इसमें नहीं है।इस एफआईआर के साथ ही समाजवादी पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा है।
बता दें कि इससे तीन दिन पहले ही एसआईटी ने चढ़ावा चोरी मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी।एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने बीते मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी।एसीएस होम संजय प्रसाद को एसआईटी मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने प्रारम्भिक रिपोर्ट सौंपी है।साथ ही रिपोर्ट सौंपे जाने का आधिकारिक वीडियो जारी किया था।
बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा देश ही नहीं, विदेशों में है।इस मामले की जांच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच की है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच 7 दिन में पूरी हो गई।
एफआईआर दर्जन होने के बाद सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने एक्स पर पोस्ट किया है।सपा विधायक ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं,इससे यह साफ हो गया है कि मामला बहुत गंभीर है और राम मंदिर में दान की चोरी का आरोप लगने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री के पास एक दिन भी सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दें और मामले की निष्पक्ष जांच पूरी हो। दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इतनी सुरक्षा और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद इतनी बड़ी चोरी कैसे हुई। इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है,यह तय किया जाना चाहिए और दोषियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।







