उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्वास्थ्य विभाग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय की कथित मिलीभगत से जनता की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमरा खैरा (अमराखारी) स्थित ‘विश्वास हॉस्पिटल’ (Vishwas Hospital) पर झांसेबाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और बिना डॉक्टर के ही मरीजों का इलाज करने का गंभीर आरोप लगा है।
झांसी के डॉक्टर की फर्जी डिग्री, आधार नंबर भी निकला फर्जी मिली जानकारी के अनुसार, विश्वास हॉस्पिटल के संचालक ने अस्पताल का पंजीकरण (Registration) कराने के लिए झांसी के रहने वाले प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रेम नारायण की डिग्री का अवैध रूप से इस्तेमाल किया। चौंकाने वाली बात यह है कि डॉ. प्रेम नारायण कभी वाराणसी आए ही नहीं हैं और न ही उन्हें इस बात की भनक है
कि उनके नाम और डिग्री का यहाँ दुरुपयोग किया जा रहा है।इतना ही नहीं, पंजीकरण के लिए विभाग में जो आधार कार्ड जमा कराया गया, वह भी पूरी तरह कूटरचित (फर्जी) है। जांच में सामने आया है कि उस आधार कार्ड का नंबर रिकॉर्ड में अस्तित्व में ही नहीं है।
खुद को ‘सर्जन’ बताकर घूम रहा अस्पताल संचालक
शिकायतकर्ताओं और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इस जालसाजी का असली मास्टरमाइंड अस्पताल का संचालक ही है, जो खुद को बड़ा सर्जन बताकर क्षेत्र में घूमता है और भोले-भाले मरीजों का ऑपरेशन व इलाज कर रहा है। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, वह लोगों की जान को सीधे तौर पर खतरे में डाल रहा है।
*CMO कार्यालय के भ्रष्ट तंत्र पर उठे सवाल*
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और बिना आधार कार्ड की सत्यता जांचे, किसी फर्जी डॉक्टर के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण कैसे कर दिया गया? स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ बड़े बाबू और अधिकारियों की मोटी ‘मिलीभगत’ के कारण ही यह फर्जीवाड़ा महीनों से फल-फूल रहा है।
सख्त कार्रवाई और FIR की मांग
मामले के उजागर होने के बाद, क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस अवैध अस्पताल को तुरंत सीज करने और जालसाज संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं के तहत) व फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।अब देखना यह होगा कि वाराणसी का जिला और स्वास्थ्य प्रशासन इस गंभीर भ्रष्टाचार और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले गिरोह पर क्या एक्शन लेता है।







