लखनऊ लाइब्रेरी अग्निकांड।
कानपुर के दो दोस्त संयम विज और सूरजभान सिंह की मौत ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया, दोनों के पिता पहले ही गुजर चुके थे और वे अपनी मांओं का सबसे बड़ा सहारा थे, एक घर में दादी की तेरहवीं की तैयारी थी, जबकि दूसरे घर में मां बेटे के लौटने का इंतजार कर रही थी, हादसे ने दोनों परिवारों के सपने और उम्मीदें एक झटके में छीन लीं।
कानपुर के संयम और सूरज दो दोस्त, दोनों के पिता नहीं, दो मांओं की एक जैसी बदकिस्मती हो गई।







