चकिया, चंदौली
चकिया तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत महादेवपुर कलां में बिजली संकट अब ग्रामीणों के सब्र की सीमा पार कर चुका है। 13 मई को आए तेज आंधी-तूफान के बाद गांव की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, लेकिन 16 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग बिजली बहाल नहीं कर सका। परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार 29 मई 2026 को गांव में धरना-प्रदर्शन कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच बिना बिजली के जीवन नारकीय हो गया है। रातें अंधेरे में गुजर रही हैं, पेयजल संकट गहराता जा रहा है और छोटे बच्चों व बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। मोबाइल चार्जिंग से लेकर पंखा-कूलर तक सब ठप पड़े हैं। गांव के लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
धरना प्रदर्शन के दौरान बसपा युवा नेता शैलेश कुमार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर गांव में बिजली बहाल कराने की मांग की।
प्रदर्शन में अनिल पाल, जयप्रकाश, राकेश पाल, धर्मेंद्र, यशवंत, महेंद्र, सदाफल, पतालू, राजन खरवार, रंजीत, मंगरु खरवार, पंचू, तेतरी, कविता, कंचन, सीमा, रामपति, निर्मला, धीरज, राहुल, रिंकू पासवान, अशोक, सोना, सुभाष पाल, सनी, सूरज, चंदन, चंद्रशेखर, हीरा, सूरज पाल, रमेश पाल, जयप्रकाश पाल, उदल बाड़ू और कमलेश पासवान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
“बिजली नहीं तो वोट नहीं” की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। लोगों का कहना है कि गांव में लगातार अंधेरा रहने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है और विभाग की उदासीनता ग्रामीणों के गुस्से को बढ़ा रही है।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







