तेल के बेतहाशा बढ़ते दामों के बीच भाजपा सरकार के पास बस एक ही तरीक़ा बचा है और वो है उनका पुराना ‘बोरी में चोरी वाला फ़ार्मूला’ मतलब तेल के दाम बढ़ाने के बजाय एक लीटर में तेल की मात्रा घटा दो।
तेल के दामों और भाजपा के कमीशन में सीधा संबंध है मतलब जितने दाम बढ़ेंगे उतना ही भाजपा का कमीशन बढ़ेगा।
तेल के दाम बढ़ाकर भाजपा दरअसल हालिया चुनाव में ख़र्च किये गये अपने पैसों की रिकवरी कर रही है। भाजपा का एक ही सिद्धांत है कि उसका और उसके लोगों का ख़ज़ाना खाली न हो, उसके लिए भले जनता की जेब पर डाका ही क्यों न डालना पड़े।







