जौनपुर
जौनपुर, डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ जौनपुर में एक बार फिर शर्मनाक हरकत सामने आने से पूरे जनपद में आक्रोश फैल गया है। दीवानी न्यायालय गेट पर स्थापित बाबा साहब की प्रतिमा को शरारती तत्वों ने टोपी और गमछा पहनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
सबसे बड़ा सवाल यह है। कि आखिर बार-बार चेतावनी और विरोध के बावजूद बाबा साहब की प्रतिमा से छेड़छाड़ क्यों नहीं रुक रही इससे पहले भी प्रतिमा पर कीचड़ फेंकने की घटना सामने आई थी। लेकिन प्रशासन की लापरवाही और ढीली सुरक्षा व्यवस्था के कारण शरारती तत्वों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है। कि प्रतिमा स्थल पर सुरक्षा, निगरानी और कैमरों के बड़े-बड़े दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। यदि प्रशासन समय रहते सख्त कदम उठाया होता। तो दोबारा ऐसी घटना की नौबत नहीं आती।
घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की गई। लोगों का कहना है। कि यह केवल प्रतिमा का अपमान नहीं बल्कि संविधान, सामाजिक सम्मान और करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास है।
जनता ने उठाई मांग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है। कि प्रतिमा से छेड़छाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को तत्काल चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रतिमा स्थल पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था और हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी
जनता का साफ कहना है। कि बार-बार बाबा साहब की प्रतिमा को निशाना बनाना केवल संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश प्रतीत हो रही है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को केवल औपचारिक बयानबाजी नहीं बल्कि कठोर और निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।
जौनपुर में गूंजा सवाल आखिर संविधान निर्माता की प्रतिमा भी सुरक्षित नहीं तो आम जनता कैसे सुरक्षित होगी







