श्री धाम ट्रस्ट और विद्यालय प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं को सिखाए गए डिजिटल सुरक्षा व पोक्सो एक्ट के कानूनी गुर; प्रिंसिपल डॉ. प्रियंका तिवारी ने पहल को सराहा।
वाराणसी। आज के बदलते डिजिटल युग में स्कूल जाने वाली किशोरियों को मानसिक, सामाजिक और साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में एक विशेष ‘कानूनी जागरूकता एवं महिला सशक्तिकरण’ सेमिनार का आयोजन किया गया। धाम ट्रस्ट के विशेष सहयोग से आयोजित इस सेमिनार में विद्यालय की छात्राओं को उनके मौलिक व कानूनी अधिकारों के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।
सेमीनार की मुख्य वक्ता अधिवक्ता निशा मिश्रा ने बहुत ही सरल और संवादात्मक शैली में छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि कानून से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि कानून बेटियों का सबसे बड़ा रक्षक और मित्र है। उन्होंने कहा, “जो लड़की अपने कानूनी अधिकारों को जानती है, वह असल मायने में एक स्मार्ट और ‘Boss Lady’ बनकर समाज में अपनी पहचान स्थापित करती है।”
डिजिटल सुरक्षा और पोक्सो एक्ट पर विशेष जोर:
सेमिनार के दौरान छात्राओं को सोशल मीडिया पर होने वाली ग्रूमिंग, फेक आईडी, साइबर स्टॉकिंग (पीछा करना) और ऑनलाइन बुलींग जैसी गंभीर समस्याओं से बचने के तरीके बताए गए। अधिवक्ता निशा मिश्रा ने Information Technology (IT) Act और POCSO Act (पोक्सो कानून) की बुनियादी जानकारियों को बेहद सरल शब्दों में कहानियों के माध्यम से छात्राओं के सामने रखा। छात्राओं को ‘लव बॉम्बिंग’ और ‘इमोशनल ब्लैकमेलिंग’ जैसे मनोवैज्ञानिक जालों (Traps) को पहचानने और उनसे सुरक्षित दूरी बनाने के व्यावहारिक टिप्स भी दिए गए।
इसके साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों के लिए चाइल्डलाइन (1098), महिला पावर लाइन (1090) और अखिल भारतीय आपातकालीन नंबर (112) को कंठस्थ कराया गया।
धाम ट्रस्ट और विद्यालय प्रशासन का मिला अभूतपूर्व सहयोग:
इस अभियान को सफल बनाने में धाम ट्रस्ट का विशेष और अत्यंत सराहनीय योगदान रहा। ट्रस्ट के इस सेवाभावी प्रयास और सामाजिक पहल की विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. प्रियंका तिवारी ने मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं के लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ कानूनी साक्षरता होना अनिवार्य है। यह सेमिनार छात्राओं में आत्मविश्वास भरने और उन्हें सुरक्षित माहौल देने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विद्यालय और ट्रस्ट के इस संयुक्त प्रयास को भविष्य में भी जारी रखने की बात कही।
छात्राओं ने लिया संकल्प:
सेमिनार के अंत में छात्राओं के प्रश्नों और उलझनों का निवारण किया गया। ‘नो जजमेंट ज़ोन’ के तहत छात्राओं ने बिना किसी झिझक के अपनी बातें साझा कीं। अंत में विद्यालय परिसर में छात्राओं ने गगनभेदी नारों— “कानून की समझ जो लाएगी, वही असली ‘बॉस लेडी’ कहलाएगी!” और “अधिकारों को अपने पहचानो, कानून को अपना रक्षक मानो” के साथ किसी भी अन्याय के खिलाफ चुप न रहने और सजग रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्री धाम ट्रस्ट के प्रतिनिधि, विद्यालय की शिक्षिकाएं और भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।







