वाराणसी
औरंगाबाद स्थित प्राचीन मां शीतला मंदिर में का भव्य वार्षिक श्रृंगार व भंडारे का आयोजन शुक्रवार को ज्येष्ठ माह के दिन किया गया।
रंग -विरंगे फूल पतियों एवं प्रसाद से भोग माँ के दरबार को सजाया गया था, रंग विरंगे झालरों से मंदिर परिसर को सजाया गया था,11 बजे से रात्रि में माता का विशाल भगवती जागरण का आयोजन किया गया था।
सर्वप्रथम गणेश वन्दना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई ,उसके बाद विधि विधान से पूजा अर्चना कर माँ ज्वाला का आवहन कर अखंड ज्योति दीप प्रज्वलित की गई।
गायक पुनीत मिश्रा पगला बाबा द्वारा माता के सुन्दर गीत माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।ज्योत जगा के, सर को झुका के,मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥
मेरी मां के बराबर कोई नहीं, निमिया के डाल मईया झुलेला झूलनवा व् आजा मां आजा मां तुम मेरे घर पर आ जाना जैसे गानों को सुन श्रोता अपने आप को रोक नहीं पाये, बैठे हुए दर्शकों का मन मोह लिया।
पूरी रात माता के भजनों की सरिता बहती रही मां का हवन, आरती प्रसाद वितरण से जागरण की पूर्णाहुति हुई।
संथापक, राम राज जी आयोजक आर पी टेंट हॉउस के मालिक राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, सम्पन्न हुआ।
माँ शीतला माता के सिंगार मे कार्यक्रतों ने भी भक्तो कों भंडारे के प्रसाद और भीड़ कों काबू किया कार्यकर्त्ता के मेहनत से माता का जागरण व भंडारे संकुशल सम्पन्न कराया।
कार्यकर्ता :-
जितेंद्र कनौजिया, विशाल सेठ, डबलू, बबलू कनौजिया, गोकुल सेठ, अर्जुन सेठ, रजत सेठ अन्य कर्यकर्ता उपस्थित रहे।







