चन्दौली सकलडीहा ।
पीजी कॉलेज, मे समाजशास्त्र विभाग द्वारा “सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के अवसर एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर एक प्रेरणादायी विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में रोजगार के बदलते स्वरूप, प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध, शिक्षण, प्रशासनिक सेवाओं तथा सामाजिक क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. उदय शंकर झा ने अपने उद्बोधन में कहा, “अवसर अपने आप नहीं आते, अवसर बनाए जाते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल, संवाद क्षमता, तकनीकी ज्ञान और सकारात्मक सोच भी सफलता की कुंजी है।
उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अनेक क्षेत्र उपलब्ध हैं, जिनमें शिक्षण एवं शोध, सिविल सेवा, प्रशासनिक सेवाएं, समाज कल्याण विभाग, पत्रकारिता, मीडिया, एनजीओ, बैंकिंग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रमुख हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों ने भी अपने विचार रखे। डॉ. संदीप सिंह ने कहा कि सामाजिक विज्ञान समाज को समझने और बदलने का सशक्त माध्यम है। यज्ञ नाथ पांडेय ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन और लक्ष्य निर्धारण की प्रेरणा दी। डॉ. पवन कुमार ने आत्मविश्वास और समय प्रबंधन पर बल दिया। डॉ. राजेश यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु नियमित अभ्यास को आवश्यक बताया और कहा कि सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए निरंतर नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा विद्यार्थियों को सफलता हेतु निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर डॉ. मनीष राय, डॉ. रजनीश गुप्ता, बृजेश यादव, धर्मेंद्र सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।







