वाराणसी।
बीएचयू के बायोकेमिस्ट्री विभाग में दो दिवसीय बीएचयू फ्लो साइटोमेट्री कार्यशाला-2026 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। कार्यशाला के पहले दिन देशभर से आए वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को फ्लो साइटोमेट्री तकनीक के उन्नत उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैंसर, विशेषकर रक्त कैंसर की पहचान और उपचार के लिए विश्वस्तरीय तकनीक फ्लो साइटोमेट्री का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह तकनीक बिना किसी रक्त कोशिका को नुकसान पहुंचाए लेजर किरणों और रासायनिक टैगिंग की मदद से कोशिकाओं की सटीक पहचान करती है, जिससे रोग की शुरुआती अवस्था में ही पहचान संभव हो पाती है।
कार्यशाला में जयपुर और चेन्नई से आए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को डेटा विश्लेषण, डिजाइनिंग और सटीक परीक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों को वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी मिला, जिससे उन्हें तकनीक की गहराई से समझ विकसित करने में मदद मिली।
आयोजन में प्रो. डीके रॉय, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. श्री निवास और डॉ. नीलू कुमार समेत कई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इस तरह की कार्यशालाएं शोधकर्ताओं के लिए नई संभावनाएं खोलती हैं और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को मजबूत बनाती हैं। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।










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