चंदौली के शहाबगंज से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो हर किसी को भावुक कर देगी…”
“4 अप्रैल 2026 को शहाबगंज के सेमरा गांव में आयोजित मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के नेत्र शिविर में सेवा की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली “नेत्र विशेषज्ञ डॉ. आर. के. ओझा, जो आर. के. नेत्रालय, महमूरगंज (वाराणसी) के संचालक हैं…
उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद भी सेवा कार्य नहीं रोका…”
“तेरहवीं संस्कार से पहले ही पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैंप आयोजित किया गया…
यह देख वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे…”
शिविर में मरीजों की जांच की गई…
और आर. के. नेत्रालय में 21 मरीजों का आधुनिक फेको विधि से निशुल्क ऑपरेशन कर फोल्डेबल लेंस लगाया गया…”
“मातृभूमि सेवा ट्रस्ट से जुड़े संजय कुमार सिंह ने कहा—
‘इतने बड़े दुख के बावजूद सेवा के प्रति ऐसा समर्पण बहुत कम देखने को मिलता है…
“इस दौरान दिवंगत लल्लन ओझा जी को श्रद्धांजलि दी गई और उनके आदर्शों को याद किया गया…”
-“दुख बड़ा था… लेकिन सेवा उससे भी बड़ी…
यही है असली मानवता…
रिपोर्ट – मोहम्मद तस्लीम







