वाराणसी।
धर्मनगरी वाराणसी में अवैध दवा कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। कोडीन कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल पर शिकंजा इतना कस चुका है कि अब उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कोर्ट के आदेश की अनदेखी के बाद रोहनिया थाने में उसके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
कोर्ट की अवहेलना पड़ी भारी
न्यायालय ने शुभम जायसवाल को 31 मार्च 2026 तक पेश होने का अंतिम मौका दिया था। पुलिस ने उसके घर और संपत्तियों पर कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी वह हाजिर नहीं हुआ। अब कानूनी कार्रवाई के तहत उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
दुबई भागने की आशंका, रेड कॉर्नर नोटिस जारी
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, जांच में शुभम के दुबई में छिपे होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है और केंद्रीय एजेंसियां भी उसकी तलाश में जुट गई हैं। वाराणसी पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
वैभव की गिरफ्तारी से खुला काला खेल
इस पूरे सिंडिकेट का बड़ा राज तब खुला जब पुलिस ने शुभम के करीबी वैभव जायसवाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि हवाला के जरिए 22 लाख रुपये अवैध कारोबार में लगाए गए और विदेश भेजे गए।
शराब कारोबार में भी निवेश!
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि शुभम जायसवाल ने अपनी काली कमाई को शराब के धंधे में लगाया है। वाराणसी में करीब 6 शराब की दुकानें उसके करीबियों के नाम पर संचालित हो रही हैं।
होटल से लेकर बेनामी संपत्तियों तक जांच
पुलिस अब पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी है। जंगमबाड़ी इलाके में स्थित एक आलीशान होटल समेत कई बेनामी संपत्तियों की जांच जारी है। शुभम के भगोड़ा घोषित होते ही उसकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की तेज कर दी जाएगी।
साफ है, वाराणसी पुलिस अब इस ‘कफ सिरप माफिया’ को किसी भी कीमत पर छोड़ने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।











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