जिसमें अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ बालमुकुंद पाण्डेय जी का पाथेय प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि इतिहास एक शोध विषय होने के साथ-साथ भारतीय समाज में आत्म सम्मान का भी विषय है।
भारतीय इतिहास लोक परंपराओं की वजह से ही जीवित है। उनके द्वारा इन तथ्यों पर भी जोर दिया गया कि हमारी सच्ची घटनाओं को दफनाया गया है और इतिहास के साथ-साथ समय-समय पर खत्म हुआ है इतिहास संकलन समिति इन्हीं छद्म एवं षडयंत्रों को पहचान कर उनके प्रतिरोध के लिए तत्पर है।







