आजमगढ़।
जनपद के मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में गोकशी की वारदात में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि चौथे को मौके से दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार, 23/24 मार्च की रात ग्राम झिन्झपुर सरैया में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले में शामिल आरोपी फिर से वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। मुखबिर की सूचना पर 1/2 अप्रैल की रात करीब 2:20 बजे पुलिस टीम ने सिधौना मार्ग होते हुए मानिकपुर सिवान की ओर जा रहे संदिग्धों की घेराबंदी की।
घिरते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद जब वे नहीं माने तो पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान तीन बदमाशों के दाहिने पैर में गोली लगी और उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि चौथे आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहित उर्फ मोहीद, अमन गोड़, एकलाख उर्फ पतरका और मोबिन उर्फ कलाम के रूप में हुई है। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, एकलाख उर्फ पतरका थाना देवगांव का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। मौके से पुलिस ने दो अवैध तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस, चापड़, छूरी और रस्सी बरामद की है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सुनियोजित तरीके से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर सुनसान स्थानों पर उनका वध कर मांस बेचते थे और साक्ष्य छिपाने के लिए अवशेषों को नदी-नालों या जमीन में दबा देते थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।











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