वाराणसी।
जनपद में इस बार गर्मी के तेवर समय से पहले ही तीखे होने लगे हैं। भीषण गर्मी की आहट को देखते हुए नगर निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को नगर निगम सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्पष्ट कर दिया कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शहर के सभी 541 कुओं की सफाई और सुंदरीकरण का कार्य हर हाल में 31 मार्च तक पूरा किया जाए।
कुओं की सफाई में तेजी
शहर में वैकल्पिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए नगर निगम ने युद्ध स्तर पर अभियान शुरू किया है। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार अब तक 162 कुओं की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि 140 कुओं पर काम तेजी से चल रहा है। वहीं 239 कुओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिन्हें तय समय सीमा के भीतर साफ और तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
खराब पंपों पर होगी कार्रवाई
नगर आयुक्त ने जलकल विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी के दौरान किसी भी तकनीकी खराबी के कारण लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े। इसके लिए शहर के सभी ट्यूबवेल और पंपिंग स्टेशनों की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,
“बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। ऐन वक्त पर पंप या मोटर खराब होना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।”
राहगीरों को राहत देने की तैयारी
भीषण गर्मी को देखते हुए नगर निगम ने शहर में वाटर कूलरों की संख्या 18 से बढ़ाकर 28 करने का फैसला लिया है। इसके लिए शहर के प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि राहगीरों को गर्मी में राहत मिल सके।
पाइपलाइन और प्रेशर पर भी नजर
बैठक में पुरानी पाइपलाइनों के सुधार और पानी के प्रेशर को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि शहर के अंतिम छोर तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी इलाके में पानी की समस्या न हो।
इस समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता आर.के. सिंह समेत जलकल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद







