मिथिला नगरी में हर ओर प्रभु राम का रंग और राम बारात के आगमन का उल्लास छाया हुआ था। ऐसा लगा जैसे राम बारात की अगवानी को पूरी मिथिला नगरी उमड़ पड़ी हो। चांदी के रथ पर विराजमान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के स्वरूप, वातानुकूलित बग्घी पर विराजमान राजा दशरथ अजय अग्रवाल व उनके बेटे-बहू अनुभव अग्रवाल व आशिमा अग्रवाल, अलग-अलग आकर्षक रथों पर सवार शेषावतार लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप,
भजनों की मधुर स्वर लहरी बिखेरते बैंड वादक और सबसे पीछे मयूर रथ पर विराजमान मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम सुबह 10:30 बजे जब विजय प्रकाश गोयल हुंडी वालों के बालाजी नगर स्थित निवास (दशरथ आवास) से नगर भ्रमण को निकले तो पग पग पर आरती, पुष्प वर्षा, दर्शन, फोटो, सेल्फी और एक झलक पाने को जनकपुरवासियों का रेला उमड़ पड़ा।








