रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित, संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चों को सुरक्षित बचाने का एक निरंतर और संवेदनशील अभियान है। यह केवल एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि उन अनगिनत बच्चों के लिए जीवनरेखा है, जो किसी कारणवश अपने घरों से दूर भटक जाते हैं। इस पहल के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे बाल श्रम, बाल तस्करी तथा लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में रेलवे सुरक्षा बल टीम द्वारा ऑपरेशन ‘नन्हें फरिश्ते’ के अंतर्गत 442 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के अंतर्गत मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
दिनांक 19 फरवरी 2026 को आरपीएफ/मिर्जापुर के उप निरीक्षक ए. के. राय हमराह स्टाफ तथा चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर के सुपरवाइजर एवं केस वर्कर के साथ स्टेशन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या 1 के बुकिंग हॉल में दो नाबालिग लड़कियां डरी एवं सहमी अवस्था में मिलीं।
पूछताछ में बालिकाओं ने बताया कि वे अपने घर वालों को बिना बताए घर से निकलकर अन्य शहर जाने के उद्देश्य से स्टेशन आई थीं। तत्पश्चात दोनों को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट मिर्जापुर लाया गया, जहां उन्हें भोजन एवं पानी उपलब्ध कराया गया और काउंसलिंग की गई।
सहानुभूतिपूर्वक उनसे नाम पता पूछने पर उनके द्वारा अपना उम्र -17 वर्ष, निवासी थाना -शाहगंज जिला -सोनभद्र, एवं उम्र -16 वर्ष निवासी थाना -शाहगंज जिला -सोनभद्र बताया। दोनों के बताये अनुसार उनके घर पर सूचना दी गयी। अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु दोनों नाबालिग बालिकाओं को चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर के सुपरवाइजर एवं केस वर्कर को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया।
रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों से अपील करता है कि यात्रा के दौरान अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी असहाय या बिछड़े बच्चे की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें।











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