आजमगढ़।
जनपद के आजमगढ़ में अवैध हथियार निर्माण का बड़ा खुलासा हुआ है। थाना अतरौलिया थाना क्षेत्र के भवानीपुर गांव में एक छप्पर के भीतर गुप्त रूप से संचालित अवैध असलहा फैक्ट्री पर पुलिस ने बुधवार रात दबिश देकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
मौके से निर्मित व अर्द्धनिर्मित 315 बोर के कट्टे, कारतूस और हथियार बनाने के भारी उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस इसे संगठित और लंबे समय से संचालित अवैध गतिविधि मान रही है।
मुखबिर की सूचना पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
सीओ बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी के अनुसार क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने भवानीपुर गांव में दबिश दी, जहां तीन लोग अवैध असलहा बनाते हुए पाए गए। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर एक को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन?
पकड़ा गया आरोपी विन्ध्याचल निवासी देवलर, थाना राजेसुल्तानपुर जनपद अम्बेडकरनगर का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के नाम भी उजागर किए हैं—
1 सहदेवगंज निवासी विरजा (थाना महाराजगंज, आजमगढ़)
2 भवानीपुर निवासी अंगद सिंह (थाना अतरौलिया, आजमगढ़)
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
क्या-क्या हुआ बरामद?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बरामद किया—
* 01 निर्मित 315 बोर का कट्टा
* कारतूस सहित 02 अर्द्धनिर्मित कट्टे
* ग्लैंडर मशीन
* आरी ब्लेड, रेती, सरिया, छैनी
* नाले, सुम्भी, बोल्ट, सड़सी
* पंखा भट्ठी
* लोहे की पाइप व पट्टियां
* हथौड़ा व अन्य उपकरण
अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान से स्पष्ट है कि यह कोई अस्थायी गतिविधि नहीं, बल्कि सुनियोजित अवैध हथियार निर्माण केंद्र था।
पूछताछ में बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध तमंचों का निर्माण कर उन्हें कारतूस सहित विभिन्न स्थानों पर बेचता था। मांग के अनुसार नियमित रूप से हथियार तैयार कर आपूर्ति की जाती थी।
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और संभावित खरीदारों व सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही है।पुलिस का कहना है कि अवैध असलहा निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।







