लखनऊ: मामला दुर्भावना से प्रेरित ‘लखनऊ के चिनहट थाना का , दिल्ली के विहार कालोनी .’दक्षिणी दिल्ली के मूल निवासी अजय सिंह पर उनके चचेरे भाई की पत्नी ने उन पर 377 व 354 (1)&(2) I.P.C सहित गंभीर धाराओं में रंजिश को लेकर विवाद दुर्भावना से वर्ष 2023 में चिनहट थाने में भारतीय दंड संहिता की अनेक धारा में, आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बिवेचना कर, आरोप पत्र दाखिल किया और जिस पर जिला अदालत’ लखनऊ ने अभियुक्त के खिलाफ संज्ञान लेते हुए, समन निर्गत किया था. इस कार्रवाई से व्यथित, अजय सिंह ने इस समन आदेश सहित संपूर्ण कार्यवाही को चुनौती देते हुए याची ने अपने विद्वान अधिवक्ता कौशलेंद्र त्रिपाठी के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय, खंडपीठ लखनऊ में मामला दाखिल किया, जो मंगलवार को नए मामलों में सूचीबद्ध था।
सुनवाई के दौरान माननीय न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की बेंच ने याची पक्ष के अधिवक्ता कौशलेंद्र त्रिपाठी की दलीलों तर्कों से संतुष्टि प्रकट करते हुए निचली अदालत की सम्पूर्ण कार्रवाई पर अग्रिम आदेश तक स्थगन आदेश पारित किया।
जबकि विपक्ष में सरकार की तरफ से ए. जी. ए. ने विरोध किया, कि याची राहत पाने हकदार नहीं है,मामला विचारण में है , उभय पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आदेश जारी किया ,साथ ही, शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब, दाखिल करने का निर्देश दिया गया। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल के प्रथम सप्ताह में निर्धारित की गई है।
उक्त प्रकरण में न्यायालय के इस निर्णय से याची और उनके परिजन को बड़ी राहत मिली है।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला







