यह बजट प्रधान मंत्री के विकसित भारत वाले सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।बजट में योगी सरकार ने वर्ष २०२६-२७ के लिए राजस्व संग्रह का लक्ष्य जीएसटी व वैट से १.४९ लाख करोड़,आबकारी शुल्क से ७१००० करोड़, स्टाम्प एवं पंजीकरण से ४३००० करोड़,वाहन कर से १५००० करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है जो अपने आप में बहुत बड़ा सन्देश दे रहा है।
इस सरकार का वित्तीय प्रबंधन बहुत बेहत्तर रहा है जिसका नतीजा है कि वर्ष २०२६-२७ का राजकोष घाटा केवल २.९८% रखा गया है। निश्चित ही योगी जी ने मोदी सरकार द्वारा १ फ़रवरी को घोषित केंद्रीय बजट की घोषणाओं को अपने बजट में बेहतरीन तरीक़े से समायोजित कर के उत्तर प्रदेश को एक लाजवाब बजट देने की कामयाब कोशिश की है।
बजट का लगभग २०% प्रदेश सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय में कराने से प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।अकेले उत्तर प्रदेश में देश भर में बनने वाले मोबाइल फ़ोन का हिस्सा ६५% है जो की अपने आप में बहुत बड़ी बात है।







