भदोही
यूं तो हर वाद-विवाद का हल थाना-पुलिस, तहसील व न्यायालय द्वारा किया ही जाता है लेकिन कुछ ऐसे भी मामले समाज मे आते हैं जो हर वादी-प्रतिवादी यह चाहता है कि हमारा मामला किसी सम्भ्रान्त व समाजसेवी द्वारा ही हो जाए ताकि हमें कहीं मामलों को लेकर चक्कर न लगाना पड़े।
ऐसे ही समाज मे कुछ ऐसे सम्भ्रांतजन हैं जिनके पास लोग अपने मामलों को लेकर उनके फैसलों पर यकीन करते हुए आते हैं, उनमें एक ऐसा नाम समाज के सामने आता है जिनका नाम खानदानी रईसों में शुमार किया जाता है और उनके पास जाने वाला व्यक्ति उनके फैसलों से संतुष्ट होकर हंसता हुआ आता है। ऐसे खानदानी रइस और समाज में भाईचारे और एकता का संदेश देने वाले का नाम लोग बड़े ही मोहब्बत से तौकीर खान कुल्लू भाई के नाम से पुकारते हैं।

श्री खान के आवास पर प्रतिदिन जनपद ही नही अन्य जनपदों से लोग अपने मामले को लेकर आते है जिन्हें श्री खान दोनों पक्षो की बातों को सुनकर बड़े सलीके से समझा-बुझा कर तथा रजामंद कर मामले का हल करते हैं। श्री खान के फैसलों में दोनों पक्षो की रजामंदी शामिल होती और वे आपसी रंजिश या मनमोटाव को दरकिनार कर गले मिलकर हंसते हुए जाते हैं।
श्री खान के आवास पर प्रतिदिन बच्चों को लेकर विवाद, जमीन सम्बंधित विवाद, महिलाओं को लेकर घरेलू हिंसा तथा पटीदारों को लेकर प्रकरण सामने आता है। सभी मामलों को गम्भीरता से सुनते हुए उसे हल करने का काम किया जाता है।
श्री खान से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि समाज के दबे, कुचले व असहाय की सहायता हर तरह से करनी चाहिए चाहे वह कपड़ा, रोटी और मकान के रूप में हो या फिर उनके विवादों के रूप में हो। उन्होंने कहा यह परंपरा हमारे पूर्वजों से चली आ रही है जिसे हम लोग निभा रहे हैं। कहा दूरदराज से लोग इस आस में आते है कि हम श्री खान के पास जा रहे है तो वहां हमारे साथ इंसाफ जरूर होगा। कहा ईश्वर हमारे पास आने वाले हर व्यक्ति के साथ मुझसे न्याय कराए ताकि लोग आपस मे भाईचारे के साथ जिंदगी गुजारें
रिपोर्ट – फारुख जाफरी







