डीडीयू नगर
जिले को वर्ष 2026 में ही बाल श्रम मुक्त कराने के उद्देश्य से बुधवार को राजकीय आईटीआई रेवसा में बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन विषय पर जनपदीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग चंदौली, ब्रिटिश एशियन इंडिया फाउंडेशन तथा मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी चंदौली रतन वर्मा रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम मुक्त चंदौली बनाने के लिए प्रशासन के साथ व्यापार संगठनों, ईंट भट्ठा एसोसिएशन, होटल व रेस्टोरेंट संचालकों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिष्ठानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां किसी भी स्थिति में बच्चों से काम न कराया जाए। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत अधिसूचित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो जनपद में बाल श्रम को लेकर जन-जागरूकता फैलाएगा।
राज्य समन्वयक स्टेट रिसोर्स सेल, श्रम विभाग मुख्यालय कानपुर सैय्यद रिजवान अली ने बताया कि प्रदेश सरकार वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जनपद चंदौली को वर्ष 2026 में ही बाल श्रम मुक्त किया जाना है।मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की प्रतिनिधि शहनाज ने बताया कि ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट एवं श्रम विभाग के बीच पांच आकांक्षी जनपदों को 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए लिखित सहमति हुई है।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बाल श्रम व बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। ईंट भट्ठा संघ के अध्यक्ष रतन श्रीवास्तव ने जिले के सभी भट्ठों को बाल श्रम मुक्त बनाने की घोषणा की।अंत में श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया।











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