मिर्जामुराद। गौर गांव (मिर्जामुराद) स्थित वंशनारायण सिंह महिला महाविद्यालय में दिवंगत सौरभ सिंह की जयंती पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन गुरुवार को कथावाचक पंडित परम् पूज्य आनंद मिश्रा ‘पाराशर’ ने उद्धव जी के लीला के माध्यम से बताया कि भगवान को प्रेम और भक्ति से प्राप्त किया जा रहा है।गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया उन्होंने बताया कि गोकुल में वर्षों पुरानी चल रही इंद्र पूजा को बंद करवाकर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का मान मर्दन किया।
इंद्र ने क्रोधित होकर वर्षा करते हुए पूरे ब्रज को बहाना चाहा। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर धारण करके ब्रज वासियों का रक्षण किया। भगवान ने अद्भुत रासलीला रचाई। जब हजारों वर्ष में एक रात पूर्ण हुई। इस रासलीला में मां पार्वती के साथ भगवान भोलेनाथ स्त्री का वेश बनाकर रास रचाने आए।रास में आत्मा और परमात्मा का मिलन था। कथा में अक्रूर का ब्रज जाकर भगवान को मथुरा लेकर जाना, कुब्जा पर कृपा करना, धनुष भंग और कंस वध के प्रसंगों का वर्णन किया गया।

साथ ही मथुरा को कंस के अत्याचार से मुक्त करवाना, अवंतिका जाकर शिक्षा ग्रहण करना, रुक्मिणी के साथ द्वारकाधीश का विवाह आदि प्रसंगों पर कथा सुनाई।इस अवसर पर सुरेश सिंह गौतम, प्रेम नाथ तिवारी, संजीव सिंह गौतम, ग्राम प्रधान विजय कुमार गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य अमन सिंह, राकेश पटेल, संजय मिश्रा, सविता सिंह, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, योगेश सिंह, डॉ. विजय सिंह, अभिषेक त्रिपाठी ‘सुमित’, आर्यन त्रिपाठी, सौम्या सिंह, शालू सिंह, डॉ. अंजना सिंह, डॉ. संगीता सिंह, गौरव उपाध्याय, मुकेश यादव, संगीता, स्नेहा, राजेश सिंह, वीरेंद्र विश्वकर्मा, रामजी यादव समेत समस्त लोग रहे।संगीताचार्य में अंकित मिश्रा, मयंक पांडेय, अभिनव पांडेय, विपिन पांडेय व यश त्रिपाठी रहे।











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