एक व्रत हजारों दुआएं अनगिनत भावनाएं और एक ही प्रार्थना मेरे जीवनसाथी का साथ हमेशा बना रहे।
करवा चौथ केवल भूखे प्यासे रहकर व्रत रखने का नाम नहीं है। बल्कि यह उस अटूट प्रेम विश्वास समर्पण और भावनाओं का प्रतीक है। जो एक पत्नी अपने पति के प्रति अपने हृदय में संजोकर रखती है।
जब एक सुहागिन अपने हाथों में मेहंदी सजाती है। माथे पर सिंदूर लगाती है। सोलह श्रृंगार करती है। और छलनी से चांद के साथ अपने पति का दीदार करती है। तो वह पल केवल एक रस्म नहीं होता। वह दो दिलों के बीच बसे उस पवित्र प्रेम की तस्वीर होता है। जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं।
लेकिन एक बात दिल से सोचिए।
जिस पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी दिनभर निर्जला व्रत रखती है। क्या उस पति का भी यह फर्ज नहीं कि वह अपनी पत्नी की आंखों में कभी आसूं न आने दे।
जिस पत्नी की खुशियों के लिए पति दुनिया से लड़ने का हौसला रखता है। क्या उस पत्नी का भी यह कर्तव्य नहीं कि वह हर सुख-दुःख में अपने पति का संबल बने।
क्योंकि सच्चा वैवाहिक प्रेम केवल करवा चौथ के एक दिन का नहीं। बल्कि जीवन के हर दिन एक-दूसरे का सम्मान करने। एक-दूसरे को समझने और कठिन समय में एक-दूसरे का हाथ थामे रहने का नाम है।
चांद की चांदनी आपके वैवाहिक जीवन को रोशन करे।
आपके माथे का सिंदूर सदैव सुहाग की खुशियों से दमकता रहे।
महादेव और माता पार्वती की कृपा से हर पति-पत्नी का रिश्ता प्रेम विश्वास सम्मान और खुशियों से भरा रहे।
देश की समस्त सुहागिन माताओं बहनों एवं सभी दंपतियों को करवा चौथ के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
अब एक सवाल आप सभी से।
आपकी नजर में पति-पत्नी के रिश्ते में सबसे ज्यादा जरूरी क्या है। प्यार विश्वास सम्मान या जीवनभर का साथ।
कमेंट में अपनी राय जरूर लिखिए। हो सकता है। आपके दो शब्द किसी के रिश्ते में प्रेम और विश्वास की नई रोशनी जगा दें।
अगर आप भी मानते हैं। कि पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया के सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक है। तो इस संदेश को हर उस जोड़े तक जरूर पहुंचाएं जिनके जीवन में प्रेम ही सबसे बड़ी पूंजी है।
जय शिव-शक्ति। हर सुहागिन का सुहाग अमर रहे। हर घर में प्रेम और खुशहाली बनी रहे।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा







