चंदौली सैयदराजा रामलीला समिति शिवानगर के तत्वावधान में नगर में चल रही रामलीला में शुक्रवार की निशा परशुराम-लक्ष्मण संवाद, श्री राम जानकी विवाह तथा राम कलेवा का कलाकारों द्वारा सुंदर मंचन किया गया। लीला देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे । श्री रामलीला समिति शिवानगर ने देश के चौथे स्तंभ पत्रकार व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार बंधुओं का अंगवस्त्रम् तथा रामचरित मानस देकर सम्मानित किया गया । जयदेश समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ धीरेंद्र सिंह शक्ति, राम मनोहर तिवारी, विजय चित्रांशी, मानवेंद्र जायसवाल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से आमिय पांडेय, घूरेलाल कनौजिया,सुशील कुमार शर्मा, क्षमानाथ मिश्रा तथा जयदेश के संतोष जायसवाल को स्वागत प्रमुख शशांक पांडे व समिति के सदस्यों द्वारा सम्मानित किया गया ।
मंचन में दिखाया गया मिथिला में शिव धनुष भंग होने पर तपस्यारत परशुराम का ध्यान भंग हो जाता है और वह मिथिला पहुंचते हैं। मिथिला में मौजूद सभी राजागण उन्हें देखकर भयभीत हो जाते हैं। जनक जी स्वयं उन्हें प्रणाम करके सीता का परिचय कराते हैं ।विश्वामित्र जी राम लक्ष्मण से प्रणाम करते हैं । टूटा हुआ धनुष देखकर परशुराम क्रोधित हो जाते हैं और जनक से कारण पूछते हैं । परशुराम के क्रोध को देखकर लक्ष्मण सामने आते हैं और दोनों में काफी देर तक तीक्ष्ण संवाद होता है और अंत में जब परशुराम को विश्वास हो जाता है कि श्री राम साक्षात भगवान विष्णु के अवतार हैं तो वे दोनों भाइयों की वंदना करके तप के लिए वन को प्रस्थान करते हैं ।
इस संवाद से यह सीख मिलता है कि बिना सोचे समझे क्रोध करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है साथ ही यह बताता है की विनम्रता, क्षमा और धर्म का पालन आवश्यक है लेकिन अपने स्वाभिमान की रक्षा भी महत्वपूर्ण है। इसके बाद राम विवाह की लीला का मंचन किया गया। श्री रामलीला प्रस्तोता व्यास शिवानंद शुक्ला मेजा प्रयागराज के द्वारा विवाह वेद रीति के अनुसार संपन्न करते हैं । इस दौरान सखियों द्वारा गाये गए मधुर गीत, शादी गीत, गारी ने लीला को और आकर्षक बना दिया । किड्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक तथा समाज सेवी वीरेंद्र सिंह भोले के द्वारा कन्यादान का रस्म किया गया। यह सभी मंचन देख कर दर्शक प्रेम और भक्ति भाव में विभोर हो उठे ।







