रामनगर, वाराणसी
श्री गुरु नानक देव जी के ज्योति-ज्योत पर्व के अवसर पर सोमवार को रामनगर किले में 500 वर्ष से भी अधिक प्राचीन दुर्लभ हस्तलिखित श्री गुरु ग्रन्थ साहब की पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि आज ही के दिन गुरु नानक देव जी ने चोला छोड़ा था।

परम्परा के अनुसार काशीराज परिवार के कुंवर डॉ. अनंत नारायण सिंह के आमंत्रण पर प्रतिवर्ष रामनगर की सिख साध संगत किले में पहुँचकर अरदास करती है। इस वर्ष भी किले के दरबार हॉल के बगल स्थित भवन में डॉ. अनंत नारायण सिंह की उपस्थिति में यह आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञानी बलदेव सिंह के शबद-कीर्तन से हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक भक्तिमय माहौल में चले इस आयोजन में सिख समाज की ओर से डॉ. अनंत नारायण सिंह को सरोपा भेंट किया गया, वहीं किले की ओर से प्रसाद स्वरूप हलवा वितरित किया गया।

इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह, रविन्दर सिंह लड्डू, अमोलक सिंह, रंजीत सिंह, गुरुचरण सिंह, विक्की सिंह, हैप्पी सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग उपस्थित रहे।







