बारा ( गाजीपुर) गांव के मोहल्ला पूरब तरफ में रविवार को जश्ने गोसे आजम कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। शाम छह बजे शुरू हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने पहुंचकर शिरकत की। कार्यक्रम मे जामा मस्जिद के इमाम हाफिज जाकिर हुसैन, हाफिज शाबान, मौलाना नूर मोहम्मद, मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी, सैयद कासिम अली, हाफिज सोफियान, मौलाना नजीर हसन ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा की
हज़रत गौसे आजम की शिक्षाएं इंसान को नेकी, सच्चाई, भाईचारे और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गाने दीन ने हमेशा लोगों को अच्छे अखलाक, आपसी मोहब्बत और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया है। हमें उनके बताए रास्ते पर चलते हुए अपने व्यवहार और जीवन में अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और मोहब्बत कायम रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है लोगो को एक दूसरे के सुख दुख में साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल धार्मिक जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को नेक रास्ते पर चलने, बुराइयों से बचने और समाज में आपसी प्रेम एवं सद्भाव को बढ़ावा देने की प्रेरणा भी है।
कार्यक्रम के दौरान नातों ओ मनकबत का सिलसिला जारी रहा। अकीदतमंदों ने श्रद्धा के साथ नात और मनकबत पेश की। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और लोगों ने वक्ताओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। अंत में देश में अमन चैन खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिये विशेष दुआ की गई। इस कार्यक्रम में सैय्यद अख्तर हुसैन, सैयद नजरुल हसन, लुकमान खान, हाफिज इब्राहिम समेत बड़ी संख्या में अकीदमंद मौजूद रहे।







