मीरजापुर । गांधी जयंती के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर द्वारा संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों के लिए विधिक जागरूकता एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी के कथन – ‘यदि हमें इस संसार में वास्तविक शांति स्थापित करनी है तो हमें बच्चों को शिक्षित करने से शुरुआत करनी चाहिए’ – को साकार करने की दिशा में यह एक छोटी पहल रही।
कार्यक्रम के दौरान किशोरों को विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट, 2012 के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें समझाया गया कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, शोषणकारी या अनुचित गतिविधि की जानकारी होने पर उसे छिपाने के बजाय अपने अभिभावक, शिक्षक, पुलिस अथवा संबंधित विधिक सहायता तंत्र को अवश्य सूचित करें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किशोरों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक परामर्श और उनके अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर संप्रेक्षण गृह में निवासरत बच्चों को पठन-पाठन एवं ज्ञानवर्धक सामग्री का वितरण किया गया। बच्चों को पुस्तकें एवं अन्य अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराते हुए उन्हें नियमित अध्ययन करने और अपनी रुचि के अनुसार ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिला जज प्रथम संतोष कुमार गौतम ने की। इस दौरान अपर जिला जज आसिफ इकबाल रिजवी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/न्यायाधीश आनंद कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय शंकर गौतम, न्यायाधीश अभिषेक सिंह, डीपीओ अनिल सोनकर, डॉ. राहुल चौरसिया, डॉ. अमित केसरवानी, दीपक चौरसिया, संप्रेक्षण गृह अधीक्षक विजय राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।







