दिनांक 2 अक्टूबर शुक्रवार छठवें दिन कथा में व्यास पं. रविशंकर ठाकुर ने सुनाई प्रभु श्रीराम की मनोहारी बाल लीलाएं
शंकर सरदार के बाड़े में गूंजा राम नाम, भक्ति रस में सराबोर हुए श्रद्धालु शंकर सरदार के बाड़े में चल रही श्रीराम कथा के छठवें दिन भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथा व्यास पं. रविशंकर ठाकुर ने प्रभु की बाल छवि, उनकी सरलता, चंचलता और करुणामयी स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की बाल लीलाओं का स्मरण मनुष्य के अंत:करण को निर्मल कर देता है।
उन्होंने बताया कि बाल रूप में प्रभु श्रीराम अपनी मनोहारी मुस्कान और भोली चितवन से माता कौशल्या सहित समूचे अयोध्यावासियों के हृदय में बस गए थे। उनकी प्रत्येक लीला में लोककल्याण और धर्म का संदेश निहित है। कथा के प्रसंगों के साथ भक्ति गीतों और राम नाम के जयघोष से वातावरण राममय हो उठा। श्रद्धालु प्रभु की बाल छवि का भाव स्मरण कर भावविभोर दिखाई दिए।

कथा स्थल पर देर तक जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे। श्रीराम कथा में प्रमुखरूप से पूर्व एमएलसी डा शिवनाथ यादव, इंजीनियर अशोक यादव,छति यादव, अशोक यादव अध्यक्ष यादव धर्मशाला काशी, पार्षद राजेश यादव चल्लू, सीताराम यादव, पारस यादव पप्पू, गणेश केशरी, अशोक यादव, राकेश यादव, रजनी माता , प्रियंका माता , पद्मिनी माता ,डां निरंकारी प्रभु , डां प्रभा रानी , दिपमाला, कुशुम यादव, नीतू यादव, मधु यादव, नंदनी यादव, अनीता यादव,आदि सहित हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामय उपस्थिति रह







