महाराजगंज ( गाजीपुर ) क्षेत्र में ट्रेन दुर्घटना का शिकार हुए एक अज्ञात व्यक्ति का पुलिस और समाजसेवियों के संयुक्त प्रयासों से नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जिसके जानकारी अनुसार घटना 24 सितंबर 2026 को हुआ था जिसके बाद से पहचान न हो पाने के कारण शव को मर्चरी रूम में सुरक्षित रखवाया गया था।
निर्धारित 72 घंटे पूरे होने के बाद भी शिनाख्त न होने पर समाजसेवी कुँवर वीरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल विशाल कुमार और होमगार्ड मनमोहन सिंह के सहयोग से शव को पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाया गया।
पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दाहसंस्कार 29 सितंबर 2026
को अति प्राचीन श्मशान घाट, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) पर शुद्ध लकड़ी से पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
इस मानवीय कार्य में समाजसेवी कुँवर वीरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल रविशंकर विद्यार्थी, कांस्टेबल विशाल कुमार, होमगार्ड मनमोहन सिंह के साथ-साथ श्री कृष्ण कुमार बॉसफोर, जमुना राजभर, भोलेनाथ, रविन्द्र यादव और जितेन्द्र रामू राजभर आदि ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।







