आज धरने का 365 वां दिन जिसका नेतृत्व पूज्य भंते चंद्रिमा थेरो धम्म लर्निंग सेंटर सारनाथ वाराणसी के बिहारा अधिपति एवं के कार्यक्रम की अध्यक्षता तथागत बिहार के अध्यक्ष अमरीश प्रसाद कुशवाहा हजारों भिख्खुओ एवं अनुयायियों के साथ टेगरा मोड चौराहे से शांति मार्च शुरू किया
तथागत बौद्ध विहार लोना माता समाधि स्थल को बचाने हेतु उन्होंने कहा अपने वक्तव्य में कहा धर्मस्थल को बचाने के लिए नारो के साथ जान दे देंगे धर्मस्थल नहीं देंगे चाहे कुछ भी करना पड़े हम शांति के रास्ते के माध्यम से हम अपनी मांग सरकार से करते रहेंगे जब तक मेरी मांग पूरी नहीं हो जाती हम सब लोग धरने को समाप्त नहीं करेंगे और यह शासन की रवैया दोहरी नीति वाला बहुत ही निंदनीय है एक ओर किसी धर्मस्थल को संवारा जा रहा है
और दूसरी और किसी धर्मस्थल को उजाड़ने का पुरजोर कोशिश की जा रही है अगर इस धर्मशाला को किसी प्रकार का आहट पहुंचेगी तो इसके अनुयाई इतनी ज्यादा संख्या में हैं उत्तर प्रदेश में रहते है सरकार को ही बदल देंगे यह धर्मस्थल लाखों करोड़ों लोगों के प्रेरणा का केंद्र है
धरने और शांति मार्च कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूज्य भंते चंद्रमा महाथेरो पूज्य भंन्ते बुद्ध ज्योति अमरेश प्रसाद कुशवाहा विद्याधर राम धीरज नंदलाल संतोष मौर्य विनय मौर्य बाबूलाल मौर्य रमेश मौर्य अशोक मौर्य सुजीत कुमार राव वीरेंद्र गौतम मस्तराम मौर्य संतराम चंद्र प्रकाश अखिलेश सिंह सतनारायण बच्चा लाल मौर्य सुरेश मौर्य सारनाथ श्यामसुंदर यादव डॉक्टर इंद्रजीत आदिलोग हजारों की संख्या में मौजूद थे आज के कार्यक्रम का संचालन संस्था के सचिव वीरेंद्र सिंह मौर्य ने किया







