वाराणसी, 27 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को संसदीय कार्यालय में प्रभारी शिव शरण पाठक के सानिध्य में कार्यकर्ताओं ने आकाशवाणी के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम का प्रसारण सुबह 11 बजे हुआ।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति, जनगणना, सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति स्पष्ट है और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने जनगणना को देश के प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताते हुए इसमें सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है और नागरिकों से सही एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की तथा सांस्कृतिक विरासत की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्मशती का स्मरण किया। उन्होंने उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रसेवा से जुड़े योगदान को याद किया। अशोक सिंघल जन्मशती वर्ष के कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित किए जा रहे हैं।

जिसमे प्रधानमंत्री ने गुजरात के मोढेरा सूर्य ग्राम का भी उल्लेख किया और सौर ऊर्जा के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को रेखांकित किया। मोढेरा को देश के प्रमुख सौर ग्राम के उदाहरण के रूप में पहले भी ‘मन की बात’ में विशेष रूप से प्रस्तुत किया जा चुका है।
साथ ही पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने सुंदरबन क्षेत्र की महिलाओं द्वारा मैंग्रोव संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर किए जा रहे ऐसे प्रयास पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी पैदा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता और जिम्मेदारी से जुड़ा सामूहिक संकल्प है। सुरक्षा, संस्कृति, पर्यावरण और जनभागीदारी जैसे विषयों पर देशवासियों के प्रयासों को सामने लाते हुए उन्होंने स्थानीय पहल को राष्ट्रीय प्रेरणा से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिव शरण पाठक , नागेश्वर , डॉ नंदकिशोर पांडेय, रमाशंकर पटेल, शिवांगजी,अजय प्रताप सिंह पवन शर्मा,रितिक मिश्रा,जयप्रकाश ,गौरव पांडे, सुनील श्रीवास्तव जुगनू भारती ललित सिंह उमेश तिवारी पवन सिंह सौरभ पाठक,सुमित मिश्र,अरविंद चौधरी, लाल बाबू मिश्रा,अजय श्रीवास्तव,बबीता चौरसिया,पूनम जायसवाल,सोनी शर्मा,सुवर्णा रेड्डी,राम बाबू, सहित गणमान्य उपस्थित रहे ।







