गोंडा / लखनऊ
उत्तर प्रदेश में पत्रकार अब सुरक्षित नहीं हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमलों ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। ताजा मामला गोंडा जिले का है, जहां जिले के तेजतर्रार और बेबाक पत्रकार सत्यम मिश्रा (इंटरनेट की आवाज) पर दिनदहाड़े जिला मुख्यालय पर कचहरी के निकट दबंगों ने जानलेवा हमला कर दिया।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे प्रदेश के पत्रकार जगत में भारी आक्रोश है।
एके बिंदुसार ने कहा – उत्तर प्रदेश में गुंडों का राज चरम सीमा पर
इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार ने कहा कि मैं इस कायराना हमले की घोर भर्त्सना करता हूं। उत्तर प्रदेश में गुंडों का राज चरम सीमा पर पहुंच गया है। जब कचहरी जैसी सुरक्षित जगह पर, जहां दिनभर पुलिस और प्रशासन रहता है, वहां पत्रकार को पीटा जा सकता है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
बिंदुसार ने कहा कि यह हमला सिर्फ सत्यम मिश्रा पर नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र पर हमला है। सच लिखने वाले पत्रकारों को दबंगों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
जीरो टॉलरेंस की नीति सिर्फ दिखावा
संस्थापक एके बिंदुसार ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया पर बढ़ते हुए हमलों से यह सिद्ध हो रहा है कि वर्तमान सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति केवल दिखावा साबित हो रही है। अपराधियों के अंदर कानून का कोई भय नहीं है। अगर भय होता तो कचहरी गेट पर पत्रकार पर हमला करने की हिम्मत नहीं करते।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग की है कि-
1. पत्रकार सत्यम मिश्रा पर हमला करने वाले सभी अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
2. घायल पत्रकार का समुचित इलाज सरकार अपने खर्च पर कराए।
3. प्रदेश में लगातार हो रहे पत्रकार उत्पीड़न को रोकने के लिए अविलंब पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
बिंदुसार ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन पूरे प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।







