मीरजापुर 21 सितम्बर 2026- जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अभियोजन विभाग के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए लंबित वादों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में प्रभावी व सशक्त पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि सजा की दर को बढ़ाया जा सके।
उन्होंने सभी अभियोजन अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी केस डायरी को अद्यतन रखें तथा साक्ष्यों की गुणवत्ता में सुधार लाएं।बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से महिला उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट, आबकारी, एनडीपीएस, गुंडा एक्ट व गैंगस्टर एक्ट के मामलों में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा साक्ष्य समय से न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गवाह टूटने से रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं।
जिलाधिकारी ने अभियोजन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जमानत निरस्तीकरण के प्रस्ताव समय से भेजे जाएं तथा जघन्य अपराधों में त्वरित सजा दिलाने हेतु विशेष रणनीति तैयार की जाए। बैठक में प्रत्येक थाने के लंबित वादों की समीक्षा की गई तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।उन्होंने कहा कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा अपराधियों में कानून का भय पैदा करना जरूरी है।
अभियोजन कार्यों में तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता लाने, अभियोजन अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने की भी बात कही गई। जिलाधिकारी ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए सजा की दर को 70 प्रतिशत तक ले जाने का निर्देश दिया।बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी चुनार, सिटी, मड़िहान, क्षेत्राधिकारी ऑफिस सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।










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