सवर्ण महिला मोर्चा बिहार का आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू हो और यूजीसी एक्ट हटाओ की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन — माया श्रीवास्तव

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पटना

अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा की महिला विंग सवर्ण महिला मोर्चा बिहार प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष माया श्रीवास्तव के नेतृत्व में सवर्ण महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने देशभर में आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने और यूजीसी एक्ट हटाने, एससी एसटी एक्ट हटाने आदि के मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। माया श्रीवास्तव ने कहा कि मोदी द्वारा राजनीतिक स्वार्थ में बनाया जा रहा। असंवैधानिक कानून देश की एकता को कमजोर कर रहा है।

इस असंवैधानिक कानून के कारण समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संघर्ष और दूरियां लगातार बढ़ती जा रही है। जिस वर्ग के हित में कानून बन रहा है उसे लग रहा है कि यह नेता या पार्टी उनके लिए बहुत अच्छा काम कर रहा है। लेकिन असल में या विभिन्न वर्गों के बीच सामाजिक हिंसा की ओर धकेल रहा है। इसका नुकसान देश की नेताओं और उद्योगपतियों को नहीं बल्कि आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

राजनीतिक स्वार्थ में बनाए गए असंवैधानिक कानून का लोगों को भाला करना नहीं है इनका उद्देश्य समाज के एकता को कमजोर करना हैं। इससे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संघर्ष और दूरियां बढ़ रही है यूजीसी के इस नए नियम के खिलाफ सवर्ण समाज की लड़ाई तबतक चलते रहेंगी। जब तक बीजेपी सरकार यूजीसी कानून वापस नहीं लेगी। श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक होना चाहिए ताकि इसका लाभ हर एक वर्ग के गरीब और जरूरतमंद युवाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। शायद मोदी सरकार इस बात को भूल गई है कि सवर्णों के कारण ही बीजेपी सरकार बनी है।

अगर यूजीसी काला कानून वापस नहीं किया तो 2029 में बीजेपी फिर वही दो सीट पर नजर आएगी। देश की जनता समझ चुकी है बीजेपी की नीति समाज में , देश में लोगों के बीच फुट डालो और राज करो अब ये फुट डालने वाली राजनीतिक रोटी सेंकना बाद करो मोदी सरकार, तेरी उल्टी गिनती यूजीसी काले कानून से चालू हो चुकी है। डॉ आरती सुमन ने कहा कि गरीबी किसी एक जाति तक सीमित नहीं है। इसलिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं हर व्यक्ति को सरकार से अर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।

सरकार की योजना गरीबी को दूर करना नहीं है। सिर्फ समाज में भेद भाव पैदा करना और कटुता बढ़ाना। आरती ने कहा की सवर्ण समाज को समाज के पिछले वर्गों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे किसी भी कार्यक्रम से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन वोट बैंक की राजनीति में अंधा होकर सरकार सवर्ण समाज के शोषण का कानूनी रास्ता बना दे तो सवर्ण समाज चुप नहीं बैठेगा। पटना पूनाईचक स्थित यूपीबीसी डोर विंडोज के सभागार में बैठक कर पहले आपसी विमर्श किया। उसके उपरांत सभी महिलाओं ने सवर्ण अधिकार के लिए विरोध प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में डा० आरती सुमन, पुष्पा पाठक, चौधरी, रीता झा, सुनीता सिन्हा, कामिनी सिंह, राखी सिंह, संगीता दुबे, विना पाठक, रीना श्रीवास्तव, नेहा सिंह, रागिनी सिंह, साधना अरुण, सुनिता दास, रिंकू सिन्हा, अर्चना कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, आभा झा, कुसुम सिंह भूमिहार, निधि राजपूत, मीना श्रीवास्तव, वंदना झा, गीता सिन्हा आदि शामिल थे।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

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