मिर्जापुर जनपद के बरोना गाँव में वर्ष 2000 में जन्मे और वर्तमान में हावड़ा (कोलकाता) में निवास कर रहे युवा अधिवक्ता एडवोकेट विनायक विवेक सोनकर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उन्हें यूनाइटेड किंगडम के लंदन स्थित प्रतिष्ठित किंग्स्टन विश्वविद्यालय (Kingston University London) के Ph.D. in Law कार्यक्रम में प्रवेश मिला है। विश्वविद्यालय ने उन्हें लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये का पूर्ण वित्तपोषित छात्रवृत्ति एवं शोध प्रयोजन पैकेज प्रदान किया है। विनायक 16 सितंबर को लंदन के लिए रवाना होंगे।
विनायक ने बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) यूपीईएस विश्वविद्यालय, देहरादून से तथा एलएल.एम. यूके की विश्वविद्यालय से पूरा किया है। उनके पिता विवेक सोनकर (कॉमर्स ग्रेजुएट) हावड़ा में रहते हैं। वे पश्चिम बंगाल भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, प्रदेश अनुसूचित मोर्चा में मंत्री तथा झुग्गी-झोपड़ी सामाजिक संस्था के संयोजक रह चुके हैं। माता श्रीमती सुमन सोनकर (हाई स्कूल पास) का मायका मिर्जापुर में ही है। सगे मामा श्री संजीव सोनकर मिर्जापुर सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं।
स्कॉलरशिप मिलने की खबर मिलते ही पूरा परिवार हावड़ा से मिर्जापुर पहुँचा। परिवार ने विंध्याचल धाम में माँ विंध्यवासिनी का विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद ननिहाल में मामा संजीव सोनकर, नाना तथा परिवार व समाज के लोगों ने गेंदा की माला पहनाकर, तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर विनायक का भव्य स्वागत किया। विनायक ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
विनायक ने कहा, “यह स्कॉलरशिप माँ विंध्यवासिनी और कुल देवी-देवताओं के आशीर्वाद से मिली है। मेरी मनोकामना थी कि सफलता मिलते ही मिर्जापुर आकर माँ का दर्शन करूँ। मैं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को अपना आदर्श मानता हूँ। उनका मूल मंत्र है—शिक्षित बनो, आगे बढ़ो। शिक्षा से बड़ा कुछ नहीं। हमारे समाज में शिक्षा की कमी है, इसलिए युवा शिक्षा ग्रहण करें। यही उन्हें हर मुकाम तक ले जाएगी।” उन्होंने सफलता का श्रेय दादा-दादी, नाना-नानी और माता-पिता को दिया।
माता सुमन सोनकर भावुक होकर बोलीं, “एक माँ चाहती है कि उसका बेटा उच्च शिक्षा प्राप्त करे और सबसे आगे जाए। मेरा बेटा यह लक्ष्य हासिल कर चुका है। इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। मैं आशीर्वाद देती हूँ कि वह अपना, अपने पिता, अपने कुल और समाज का नाम रोशन करें। मैंने माँ विंध्यवासिनी से अपने बेटे के लिए माँगा है। चाहती हूँ कि वह लौटकर यहाँ के युवाओं को सहयोग करे और समाज को आगे बढ़ाए।”
रिश्तेदार राजेंद्र कुमार सोनकर ने कहा, “हमें विनायक की उन्नति पर बहुत खुशी है। ईश्वर से कामना है कि वे और अधिक तरक्की करें। समाज के युवा उनकी मेहनत और परिश्रम का अनुसरण करें, कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें।” मामा संजीव सोनकर ने भी युवाओं से प्रेरणा लेने की अपील की।
विनायक की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि मिर्जापुर जनपद, सोनकर समाज और पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और अधिवक्ताओं ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।







