शहाबगंज (चन्दौली)
फसल बर्बादी के मुआवजे, पक्के आवास और सरकारी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा के बैनर तले किसानों ने शहाबगंज ब्लॉक मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
किसान कस्बे में जुलूस निकालते हुए ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। सुरक्षा के मद्देनजर ब्लॉक परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा। बाद में किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र बीडीओ को सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट, मंडल मंत्री नंदलाल और स्वामीनाथ ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष परमानंद और शंभूनाथ ने कहा कि अतिवृष्टि व बाढ़ से फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। उन्होंने प्रभावित किसानों को 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने तथा बटाईदारों को भी इसका लाभ देने की मांग की।
महिला नेता लालमणि देवी ने आवास और पेंशन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केवल बीपीएल सूची में नाम न होने के आधार पर गरीबों को पक्के मकान से वंचित न किया जाए। इसके साथ ही डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और खाद-बीज की बढ़ती कीमतों पर रोष जताते हुए समितियों पर समय से कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की गई।
सभा में जयप्रकाश, बदरुद्दुजा अंसारी, बड़ेलाल, छोटेलाल, जयनाथ, रामधर और रिंकू भारती ने भी विचार रखे। नेताओं ने क्षेत्र के भूसी, भोड़सर, केयरगांव, जेगुरी, खखड़ा, रोहाखी, बरियारपुर लेहरा और हड़ौरा जैसे जर्जर मार्गों की मरम्मत, MSP की कानूनी गारंटी और बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई।
आंदोलन को तेज करने के लिए आगामी 2 अक्टूबर को चकिया के गांधी पार्क में विशाल किसान सभा आयोजित करने का आह्वान किया गया।







