चंदौली/कंदवा
अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाओं ने हरितालिका तीज व्रत रखा। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह व्रत रखने का विधान है।
विद्वान ब्राह्मण आचार्य दीनानाथ त्रिपाठी के मुताबिक यह व्रत अखंड सौभाग्य तथा पति की दीर्घायु के लिए सुहागन महिलाएं करती हैं। 24 घंटे निराहार तथा निर्जला रहकर सोलहो श्रृंगार कर सुहागिन महिलाएं शिव व पार्वती की पूजा कर अपने पति के दीर्घायु की कामना करती हैं।
बताते हैं कि इस दिन सुहागिन औरतों को चूड़ी मेहंदी महावर व हरे रंग का वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है।
यह भी कहते हैं कि श्रावण मास में वटवृक्ष को भगवान का स्वरूप माना गया है। वट वृक्ष की पूजा करना बेहद शुभ है। हरितालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाओं को शिव व पार्वती की पूजा व आरती जरुर करनी चाहिए जिससे उनका दांपत्य जीवन सुख मय होता है।







