मिर्जापुर
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस गुरुवार को धुंधी कटरा स्थित गुरु कृपा (बिन्नानी धर्मशाला) मंडपम में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीकृष्ण और राम दरबार के सामने दीप प्रज्वलित कर की गई। इसमें हिंदू समाज को संगठित करने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और बच्चों को संस्कार देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विहिप प्रांत उपाध्यक्ष विद्याभूषण ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना 29 अगस्त 1964 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन मुंबई के पवई स्थित संदीपनी साधनालय में हुई थी। इसका उद्देश्य हिंदू समाज को जाति, भाषा और पंथ के आधार पर बंटने से रोककर एकजुट करना था। उन्होंने दादासाहब आप्टे के प्रयासों का उल्लेख करते हुए
कहा कि पहली बैठक में स्वामी चिन्मयानंद, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज, स्वामी सत्यमित्रानंद, मास्टर तारा सिंह, आचार्य सुशील मुनि, केएम मुंशी, हनुमान प्रसाद पोद्दार और माधवराव गोलवलकर सहित कई प्रमुख संत-महात्मा मौजूद थे।
विभाग मंत्री रामचंद्र शुक्ल ने जानकारी दी कि पहला विश्व हिंदू सम्मेलन 22 से 24 जनवरी 1966 को प्रयागराज में आयोजित हुआ था, जिसमें 12 देशों के करीब 25 हजार प्रतिनिधि और 300 संत शामिल हुए थे। प्रांत सत्संग प्रमुख महेश तिवारी ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में विहिप की अहम भूमिका का जिक्र करते हुए संगठन के सेवा कार्यों, गोशालाओं और स्कूलों की जानकारी दी। उन्होंने उडुपी धर्म संसद का भी उल्लेख किया, जहां “हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्” का संदेश दिया गया था।
जीडी बिन्नानी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक सिंह ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित और जागरूक करना तथा विश्वभर के हिंदुओं से संपर्क बनाए रखना विहिप के प्रमुख उद्देश्य हैं। जिलाध्यक्ष हरिशंकर मिश्र ने बच्चों को संस्कार देने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रत्येक परिवार में साप्ताहिक सत्संग और परिवार के साथ कम से कम एक समय भोजन करने की परंपरा विकसित करने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष राज माहेश्वरी ने की, जबकि संचालन नगर मंत्री बृजेश गुप्ता ने किया। मौके पर विभाग संयोजक प्रवीण, जिला सह मंत्री अभय मिश्र, जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख अरविंद सारस्वत, विमर्श प्रमुख अशोक दुबे, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल, अशुकांत चुनाहे, लक्ष्मीकांत पांडेय, ब्रह्मदेव त्रिपाठी, पंकज टंडन, सपना सिंह, अमर बहादुर सरोज, दीपक वर्मा, प्रमोद सोनकर, शैफाली जैन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।







