वाराणसी। एक मांह अंतर्गत गुण-दोष पर सुनवाई व बेदखल करने का यूपी जिला अधिकारी आदेश दिया था। लेकिन राजस्व विभाग के कार्य शैली पर मामला विफल पाया गया।
प्रार्थिनीं प्रभावती देवी पत्नी स्व0 मंगला प्रसाद पुत्र राजेश कुमार निवासी ग्राम कल्लींपुर पोस्ट मिर्जामुराद, थाना मिर्जामुराद, तहसील राजा तालाब, जिला वाराणसी के मूल निवासी हैं।
जो निम्न निवेदन करता है
1-यह की ग्राम कल्लींपुर परगना कसवांर राजा, तहसील राजा तालाब जिला वाराणसी में स्थित आ0न0785 रकबा 0040 हेक्टेयर वर्तमान में नवीन परती के रूप में अभिलेख में श्रेणीं 5.1नवैयत.नवीन परती खाते में अंकितहै।
2-यह की शकल नारायण स्वर्गीय सुक्खल पटेल एवं बुल्लुर पटेल के पुत्र गढ़ जयप्रकाश, ओम प्रकाश, विष्णु, दरोगा गिरोह बनाकर आर्मी के बल पर और तहसील पर मुंशी का कार्य भार देखते हैं, इसी वजह से नियमानुसार कार्यवाही नहीं कीं जाती। कूटनीति से भ्रष्ट्र अधिकारी को मिलाकर न्यायालय तहसीलदार और अपर जिलाधिकारी को गुमराह किया जाता है।
3-इंडिया की कई प्रार्थना पत्र देने पर राजस्व विभाग यही दिशा निर्देश देता है वह तो सरकारी जमीन है आप क्यों परेशान है सन 2023, 2026 तक प्रार्थना पत्र दिया गया। प्रार्थना पत्र पढ़कर लेखपाल पूजा कुमारी, अन्य लेखपाल द्वारा क्रमशः दिनांको में सीमांकन करके. सुनीता देवी पत्नी टंडन बाद संख्या टी202414700303080
दिनांक 1.4.2024 ई0 और हरीनाथ उर्फ गेल्हू वाद,स03079सन2024ई0 को श्याम देवी पत्नी बुल्लुर पटेल बाद स0–टी2024147003076 दिनांक3.8.2024ई0 को नोटिस दी गई, इससे यह संदेश होता है की तहसील पर रहकर मुंशी का कार्यभार करने कें एवज में ऐसा कृत किया लेखपाल द्वारा।
4–यह की श्यामा देवी द्वारा दिनांक 10 .12.2024ई0 आपत्ति प्रस्तुत कर कहा गया है। कि उक्त भूमि पर अरसा पूर्व से आबादी बनाकर चला आ रहा है, जो की एकमात्र आबादी की भूमि लेखपाल द्वारा बिनां सीमांकन कीयें रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया है।
5–जबकि जिससे स्पष्ट है लेखपाल द्वारा स्थलीय सीमांकन के पश्चात उक्त अवैध कब्जा की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उसके उपरांत न्यायालय तहसीलदार आदेश तिथि 9.4.2025ई0 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता2006 की धारा 67 को बेदखलीं की गई।
6–यह की श्यामा देवी द्वारा न्यायालय अपर जिला अधिकारी वार्ड संख्या7686सन2025धारा67,(5) तहसीलदार के आदेश के विरुद्ध अपील की गई दिनांक9.4.2025ई0 निरस्त किया गया।
7-यह की अपर जिलाधिकारी द्वारा निर्देश के साथ प्रत्यावर्तीत की सीमांकन करते हुए उपरोक्त विवेचना के आलोक में पक्षों को सुनकर एक मांह के अंदर निस्तारण किया जाए।लेकिन राजस्व विभाग के कानून को लेखपाल गुल्ली डंडा खिलाने से बाज नहीं आ रहे हैं या इसी प्रकरण में गंभीर मामला का इंतजार कर रहे हैं क्या।







