दिनांक 03.09.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार द्वारा नमो घाट से पुराना पुल (सारनाथ) तक मोटर बोट से भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गंगा के बढ़ते जलस्तर एवं वरुणा नदी में पलट प्रवाह को देखते हुए वाराणसी में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

अधिकारियों ने नदी किनारे रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों एवं बाढ़ राहत केन्द्रों में जाने की अपील की तथा जर्जर भवनों में रह रहे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए। जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं पीएसी फ्लड कम्पनी को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, लोगों को जागरूक करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां रह रहे लोगों से भोजन, पेयजल, आवास, सुरक्षा एवं बच्चों की पढ़ाई की सुविधाओं की जानकारी ली गई। वर्तमान में 15 से अधिक राहत केन्द्रों में 1600 से अधिक लोग निवास कर रहे हैं। नागरिकों से नदी में तैराकी, स्टंटबाजी एवं लापरवाही से बचने की अपील की गई।।
निरीक्षण के दौरान गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त काशी जोन, प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त वरूणा जोन, वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन, लिपि नागयाच, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन सहित जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं प्रशासनिक अधिकारीगण मौजूद रहे।
आमजन से अपील कि जलभराव एवं नदी क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न करें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।







